हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव ने 26 जून को (Haryana news) पंचायती जमीनों पर कब्जे हटवाने को लेकर सभी आयुक्तों समेत अन्य अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
हरियाणा में पंचायती शामलाती और चारागाह भूमि पर नाजायज कब्जे हटाने के लिए 10 जुलाई तक आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश जारी हुआ है। हर महीने की 10 तारीख को कार्यवाही की रिपोर्ट देने का आदेश जारी किया गया । आदेश में साफ कहा गया की पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे रोकने में असफल (Haryana news) होने पर संबंधित ग्राम पंचायत,ग्राम सचिव,समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की जिम्मेवारी निर्धारित हो।
शामलाती भूमि और अन्य चारागाह भूमि पंचायत के अधीन आती हैं । ऐसी भूमि की अवैध कब्जों से रक्षा करना पंचायत और शासकीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है । ऐसे पंचायती भूमियों पर कब्जे हटाने को लेकर माननीय उच्च न्यायालय और माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी बार बार निर्देश भी दिए जाते हैं । लेकिन पंचायती भूमियों (Panchayti jameen) पर अब तक अवैध कब्जे पूर्ण रूप से नहीं हट पाए हैं । इन्हीं अवैध कब्जों को लेकर विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा ने अब अधिकारियों को एक्शन लेने को कहा है ।

विभाग ने (Haryana news) साफ कहा कि कई बार निशानदेही या पुलिस की मदद के इंतजार में या अधिकारी या पंचायत की निष्क्रियता से अवैध कब्जे छुड़ाने में समस्या के साथ समय भी लग जाता है और पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे भी बने रह जाते हैं । ग्राम पंचायत को उसकी भूमि पर कब्जा ना दिलवाना पंचायत और संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता का प्रमाण है ।
Haryana news : केवल ये लोग पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने की कर सकते हैं शिकायत
पंचायती भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ग्राम शामलात भूमि (विनिमय) अधिनियम 1961 की धारा 7 के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायत,कोई भी ग्रामवासी ,समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सीधे सहायक कलेक्टर को आवेदन दे सकते हैं । इसके लिए सीधे डीसी को भी पत्र लिख सकते हैं और अधिकारी पंचायत को कब्जा मुक्त करके जमीन दिलाने के लिए आवश्यक करवाई कर सकते हैं ।
Haryana news : पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के लिए सजा का ये है प्रावधान
यदि कोई व्यक्ति पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा करे हुए पाया जाता है तो धारा 7(5) के अनुसार ऐसे व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है जिसमें उसे 2 साल के कारावास की सजा हो सकती है ।

इसके अलावा अवैध कब्जा किए हुए व्यक्ति पर जमीन के कलेक्टर रेट पर 1 प्रतिशत तक जुर्माना भी लग सकता है। ऑर्डर के 30 दिन तक जुर्माना ना भरने पर लैंड रेवेन्यू से जुर्माना रिकवर करने का प्रावधान भी है । जुर्माना ना भरने पर 2 साल तक के कारावास की सजा भी हो सकती है ।