जींद जिले में जुलाई के पहले तीन सप्ताह में औसतन से कम (Mausam Update) वर्षा हुई है। जिसकी वजह से धान की फसल में नुकसान हुआ है और काफी किसानों को दोबारा रोपाई करवानी पड़ रही है। वहीं काफी क्षेत्र में धान की रोपाई भी नहीं हो पाई है। किसान धान रोपाई के लिए वर्षा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस वजह से रोपाई में देरी हो रही है और प्रवासी लेबर को भी पूरा काम नहीं मिल पा रहा है।
जींद जिले में 1.50 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में धान (Peddy in Jind) की खेती होती है। अब तक 70 प्रतिशत से कम क्षेत्र में ही रोपाई हो पाई है। जुलाई के महीने में सोमवार तक जिले में लगभग 60 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस दौरान जिले में 40.3 एमएम वर्षा हुई, जबकि औसतन सामान्य वर्षा 101.8 एमएम होनी चाहिए थी। वहीं इस मानसून के सीजन में अब तक जिले में औसतन 78.9 प्रतिशत एमएम वर्षा पूरे जिले में हुई है और औसतन सामान्य वर्षा 158.4 एमएम होनी चाहिए थी।
Mausam Update Haryana: अब आगे कैसा रहेगा मौसम
24 जुलाई तक मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। सोनीपत जिले के साथ लगते जींद जिले के नंदगढ़ और कुछ अन्य गांवों में दोपहर को हल्की वर्षा हुई। मंगलवार व बुधवार को जिले के ज्यादातर क्षेत्रों में वर्षा होने की उम्मीद है।

दो दिन पूरे जिले में वर्षा होने की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश कुमार ने बताया कि जुलाई में सोमवार तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। जिसका असर धान की रोपाई पर पड़ा है। 24 जुलाई तक पूरे जिले में हल्की से मध्यम वर्षा होने की उम्मीद है। जिन किसानों ने अब तक धान की रोपाई नहीं की है, वे वर्षा होने पर रोपाई कर सकते हैं।
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