Jind news : जींद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश सरकार की नीतियों और लंबित मांगों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन ने घोषणा की है कि 29 मई को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में एक दिवसीय विशाल धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 25 जुलाई 2026 को परिवहन मंत्री के अंबाला छावनी स्थित आवास का घेराव किया जाएगा।
यह फैसला शुक्रवार को जींद डिपो स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डिपो प्रधान राममेहर रेढू ने की, जबकि मंच संचालन नीतीश शर्मा ने किया।
निजीकरण का आरोप, इलेक्ट्रिक बस नीति पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के कार्यकारी राज्य प्रधान अनूप लाठर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग का धीरे-धीरे निजीकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या के अनुसार सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय महंगी दरों पर ठेके की इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि इन बसों से रोडवेज विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही बुजुर्गों, छात्र-छात्राओं और आम जनता को सरकारी बसों की तरह फ्री और रियायती यात्रा सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा।
अनूप लाठर ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की मांग न तो जनता ने की और न ही रोडवेज कर्मचारियों ने। इसके बावजूद कई डिपो में ठेके की बसों का संचालन कराया जा रहा है और सरकारी परिचालकों को इन बसों पर लगाया जा रहा है, जिससे विभाग में परिचालकों की भारी कमी हो गई है।

खाली पदों के कारण प्रभावित हो रही परिवहन सेवाएं
यूनियन नेताओं ने कहा कि रोडवेज विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, सफाई कर्मचारी और वॉशिंग स्टाफ के हजारों पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते बसों की समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही, जिसके कारण कई बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम जनता की परिवहन सुविधाओं पर पड़ रहा है और सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूनियन ने सरकार से सभी खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग उठाई, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके और जनता को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
हरियाणा Roadways कर्मचारी सांझा मोर्चा ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। यूनियन के अनुसार विभिन्न कमिश्नरी मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा—
- 5 जून : हिसार
- 17 जून : अंबाला
- 24 जून : गुरुग्राम
- 2 जुलाई : रोहतक
- 9 जुलाई : करनाल
- 16 जुलाई : फरीदाबाद
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के अंबाला छावनी स्थित आवास का घेराव किया जाएगा।
रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने वर्ष 2008 में भर्ती हुए वंचित परिचालकों को उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति देने, परिचालकों और चालकों की वेतन विसंगतियां दूर करने तथा ग्रेड पे बढ़ाने की मांग उठाई। साथ ही लिपिक वर्ग के लिए टाइप टेस्ट की शर्त हटाने और प्रमोशन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की मांग भी की गई।
आठ घंटे ड्यूटी और ओवरटाइम भुगतान की मांग
यूनियन ने कहा कि चालक और परिचालकों से केवल आठ घंटे की ड्यूटी ली जाए तथा इससे अधिक समय कार्य कराने पर ओवरटाइम दिया जाए। इसके अलावा सभी मार्गों का दोबारा सर्वे कर वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार किलोमीटर और समय निर्धारण करने की मांग भी रखी गई।
तकनीकी कर्मचारियों और HKRN कर्मियों को राहत देने की मांग
कर्मशाला में कार्यरत ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर प्रमोशन देने तथा HKRN, पार्ट-2 और डाटा एंट्री ऑपरेटर कर्मचारियों को नीति बनाकर नियमित करने की मांग की गई। यूनियन ने वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को स्थायी करने की भी मांग उठाई। कर्मचारियों ने पुलिस विभाग की तर्ज पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने, लंबित बोनस का भुगतान करने और विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की मांग रखी।
इसके अलावा NPS के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, जोखिम भत्ता देने और कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी प्रमुख रही।
चालक-परिचालकों की सुरक्षा पर सख्त कानून की मांग
यूनियन नेताओं ने कहा कि ड्यूटी के दौरान चालक और परिचालकों के साथ मारपीट और अभद्रता की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाने चाहिए।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
बैठक में नरवाना प्रधान नरेंद्र कुमार, सफीदों प्रधान रविंदर कुमार, चेयरमैन राजकुमार रधाना, विजेंद्र सांगवान, जसबीर चहल, सुभाष वैध, प्रदीप कुंडू, जयभगवान खरब, राजेंद्र सोलंकी, मनदीप रेढू, बलकार रेढू, भीम सिंह, नरेंद्र शर्मा, राजेश कंडेला, मुकेश सिवाच, अनिल लोहान, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप पुनिया और रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।


