न्यूज कुंज, जींद।
ACB Raid Jind : हरियाणा के जींद में सिविल सर्जन कार्यालय के ड्राइवर जगदीश को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 44 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जगदीश अपने ही गांव फुलियां खुर्द निवासी सोनू से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र को अपडेट करवाने के नाम पर पैसे मांग रहा था।
गांव फुलियां खुर्द निवासी सोनू ने बताया कि उसके एक हाथ में दिक्कत है। पिछले 16 साल से उसका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बना हुआ है। पांच साल में इसे रिन्यू करवाना होता है। उसने अपने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र को रिन्यू करवाने के लिए नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने शुरू किए। उसका प्रमाण-पत्र तो बन गया लेकिन वह आनलाइन अपडेट नहीं हो रहा था।
सोनू ने बताया कि उसके ही गांव का जगदीश नागरिक अस्पताल में चालक के पद पर कार्यरत है। उसने जगदीश से संपर्क किया। जगदीश ने कहा कि इसके लिए 90 हजार रुपये लगेंगे। इतने पैसे देने में सोनू ने असमर्थता जताई। दोनों की 45 हजार रुपये में बातचीत तय हो गई।
ACB Raid Jind : तू मेरा भतीजा, इसलिए एक हजार रुपए छोड़ रहा हूं
इसके बाद जगदीश ने सोनू से कहा कि वह उसके ही गांव का रहने वाला है और नाते में भतीजा भी लगता है, इसलिए वह एक हजार रुपये और छोड़ देगा। उसे 44 हजार रुपये तो देने ही होंगे। सोनू जगदीश को ताऊ कहकर बुलाता था। सुबह भी सोनू ने जगदीश से मिलने के लिए फोन किया तो कहा कि ताऊ कहां हो, मैं पैसे लेकर आ गया। जगदीश को इस बात का पता नहीं था कि सोनू ने उसकी शिकायत कर दी है और एंट्री क्रप्शन ब्यूरो की टीम उसके चारों तरफ फैल चुकी है।

शुक्रवार सुबह सोनू ने जगदीश के पास फोन किया। जगदीश ने कहा कि वह अस्पताल के मुख्य गेट पर स्थित वीटा बूथ में आ जाए। सोनू जगदीश के पास पहुंच गया। टीम भी उनके पीछे-पीछे पहुंच गई। जगदीश ने सोनू को वीटा बूथ के अंदर बुला लिया और पैसे ले लिए। इशारा मिलते ही एंट्री क्रप्शन ब्यूरो की टीम ने जगदीश को पकड़ लिया। उसके पास से 44 हजार रुपये बरामद कर लिए और जब उसके हाथ धुलवाए तो वह लाल हो गए।
ACB Raid Jind : सिविल सर्जन बोली, मेरा चालक नहीं
उधर सुबह सोशल मीडिया पर ब्रेकिंग न्यूज चल पड़ी कि सिविल सर्जन जींद के चालक जगदीश को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ काबू किया है। इसके बाद सिविल सर्जन ने कहा कि जगदीश उनका चालक नहीं है। पहले अधिकारिक तौर पर उनके चालक ईश्वर थे। वह सेवानिवृत्त हो गए हैं। अब उनके चालक कुलदीप हैं। जगदीश सिविल सर्जन कार्यालय की दूसरी गाड़ियां चलाते हैं।


