न्यूज कुंज नेटवर्क।
Jind news : हरियाणा के जींद जिले में नरवाना की चमेला कॉलोनी में पुलिस ने नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कालोनी में बने 27 मकान ढहा दिए। चार जेसीबी की सहायता से दो मंजिला तक बने मकानों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। मकान गिराने की कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने विरोध भी किया लेकिन पुलिस बल के आगे बेबस नजर आए और महिलाएं रोती, हाथ जोड़ती नजर आई।
नरवाना में हिसार रोड फाटक के पास बनी अवैध कालोनी में रहने वाले कई महिला व पुरुष नशा तस्करी में संलिप्त हैं। पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करी से जुड़े इन लोगों के खिलाफ एनडीपीएस और पीट एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज जा चुका था, लेकिन फिर भी नशा बेचना बंद नहीं हुआ था।
नशा तस्करों पर लगाम कसने के लिए नशा मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी कमलदीप राणा द्वारा हालांकि कई बार जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा पत्राचार किया जा चुका था। लेकिन डीटीपी द्वारा नशा तस्करों के अवैध मकानों को गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अब पांच जून को डीटीपी ने पुलिस फोर्स मांगी थी।

Jind news : तहसीलदार को नियुक्त किया था ड्यूटी मैजिस्ट्रेट
इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा डीटीपी को मंगलवार को पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाने के लिए कह दिया था। तहसीलदार विजय कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया था। एसडीएम जगदीश चंद्र व डीएसपी कमलदीप राणा ने अवैध मकानों को गिराने के लिए रूपरेखा तैयार की।
मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था, ताकि कोई विरोध नहीं किया जा सके। पुलिस प्रशासन द्वारा ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार विजय कुमार के निर्देश मिलने के बाद चार जोन बनाकर चार जेसीबी भेज दी। हालांकि प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने पर महिलाएं पुलिस अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर रोते हुए नजर आई। लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की कोई ढिलाई नहीं बरती और मकानों को गिराना शुरू कर दिया।

Jind news : 10 दिन पहले ही जारी कर दिए थे नोटिस
पुलिस प्रशासन ने 10 दिन पहले ही नशा तस्करों को अवैध मकान होने के नोटिस भिजवा दिए थे और मंगलवार सुबह ही उनके घरों के सामने मुनादी करवा दी थी कि अपना सामान घरों से बाहर निकाला जाए। इसके बाद नशा तस्करी से जुड़े लोगों ने सामान बाहर निकाल लिया था। प्रशासन द्वारा 27 मकान गिराने की कार्रवाई लगभग दो घंटे चली।
डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि चमेला कालोनी के 29 नशा तस्करों के खिलाफ मामले दर्ज हैं। इनमें से 27 नशा तस्करों के अवैध मकान गिराए गए हैं। पुलिस द्वारा लगातार कई मामलों में कमर्शियल तौर पर नशा पकड़ा है। इसमें से चार को पीआइटी एनडीपीएस एक्ट के तहत छह महीने के लिए जेल में नजरबंद किया हुआ है। लगभग तीन करोड़ की प्रापर्टी अटैच की हुई है। नशा तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क को पकड़ने का काम किया जा रहा है।
Jind news : जहां नशा बिकेगा, वहां कार्रवाई होगी
नशा करने वाले नशा खरीदने के लिए चोरी करते हैं, जिससे घरवालों के साथ जनता भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जिनके मकान तोड़े गए हैं, अगर वो दोबारा नशा बेचते मिले, तो एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। धमतान, रसीदां में नशा बिक रहा है, तो वहां भी ऐसी कार्रवाई होगी। जो लोग अवैध गतिविधियों में संलिप्त मिलते हैं, केवल उनके खिलाफ ही कार्रवाई की गई है।
डीएसपी कमलदीप राणा ने नशा तस्करी से जुड़े लोगों के अवैध मकान निर्माण गिराने के लिए तीन अक्तूबर, 2025 से लगे हुए थे। उन्होंने सबसे पहले नगर परिषद को पत्र लिखा, जिसमें पूछा गया कि ये जिस जगह पर मकान बनाए गए हैं, वह उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं कि नहीं। नगर परिषद ने अपनी सीमा क्षेत्र से बाहर बताया।
फिर तहसीलदार को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी, 27 मकानों की रजिस्ट्री हुई हैं, वो किसके नाम हैं। जवाब मिला कि खसरा नंबर 347, 348 इनमें से किसी व्यक्ति के नाम नहीं है। 15 अक्टूबर को एसडीएम को पत्र आगामी कार्रवाई के लिए लिखा गया। 10 नवंबर को डीसी, एसपी व डीटीपी को पत्र लिखे गए, क्यों न अवैध मकानों पर कार्रवाई की जाए। पांच जून को डीटीपी मनीष दहिया ने कार्रवाई करने के लिए फोर्स मांगी गई।
पुलिस के आगे महिलाओं ने कहा कि उनके मकान को नहीं तोड़ा जाए, वह नशा नहीं बेचेंगे। लेकिन पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनको दूर हटाना शुरू कर दिया। जब तक जेसीबी से मकान गिराने की कार्रवाई बंद नहीं हुई, तब तक वह रोते रही। पुलिस अधिकारियों ने भी यह कहा कि जब नशा बेच रहे थे और युवाओं की जिंदगी खराब कर रहे थे, तब नहीं यह बात सोची। अब रोने का क्या फायदा।


