न्यूज कुंज, हिसार। हरियाणा में मंगलवार को मौसम (Haryana weather : ) ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी नुकसान भी पहुंचाया। प्रदेश के 14 जिलों में लू का असर देखने को मिला, जबकि शाम होते-होते 9 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने लगे। मौसम के इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़, बिजली के खंभे और दीवारें गिर गईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। कैथल जिले के गांव भैणी में तेज आंधी के दौरान एक स्कूल परिसर में लगा टीनशेड उखड़कर करीब 17 वर्षीय छात्र पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
इधर रोहतक के सांपला क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण एक पुराना पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से लगभग 40 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
Haryana weather : कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे
फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, भिवानी, जींद, रोहतक, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों में तेज आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित रही और सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। हिसार में एक दीवार गिरने से कई पशुओं की मौत होने की भी सूचना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार देश में मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में पहुंच चुका है। हालांकि अब तक देशभर में औसत से लगभग 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 8 जून के बीच करीब 21.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य औसत 27 मिमी से अधिक माना जाता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
अगले 48 घंटे अहम मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, कमजोर भवनों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।


