न्यूज कुंज (Jind news) : जींद। राज्य चुनाव आयोग ने जींद नगर परिषद के वार्ड 17 से पार्षद सुशीला चहल, वार्ड 21 से पार्षद सतपाल कुंडू और उचाना नगरपालिका के वार्ड 12 से पार्षद गीता की सदस्यता बहाल कर दी है।
13 फरवरी को तीनों पार्षदों की सदस्यता रद करके छह माह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। जिसके खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग में पुनर्विचार के लिए याचिका लगाई थी। 19 मई को राज्य चुनाव आयोग ने सुनवाई करते हुए 13 फरवरी के फैसले को रद कर दिया।
बता दें कि जून 2022 में नगर परिषद चुनाव हुआ था। निर्धारित समय में चुनाव खर्च जमा नहीं करवाने पर पिछले साल 26 सितंबर को डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने पार्षद सुशीला चहल, सतपाल कुंडू और गीता की सदस्यता रद करने और पांच साल के लिए अयोग्य घोषित करने का फैसला दिया है।
जिसके खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग को अपील की थी। राज्य चुनाव आयोग ने 13 फरवरी को तीनों पार्षदों की सदस्यता रद रखने और अयोग्यता पांच साल से घटाकर छह माह करने का फैसला दिया था।
Jind news : 19 मई को आया फैसला
तीनों पार्षदों ने चुनाव खर्च जमा करवाने में देरी के कारण का हवाला देते हुए राज्य चुनाव आयोग से फैसले पर पुनर्विचार कर सदस्यता बहाल करने की मांग की थी। चुनाव आयोग की तरफ से 19 मई को दिए फैसले में कहा गया है, अगर कोई अन्य कानूनी बाधा न हो, तो तुरंत प्रभाव से तीनों पार्षदों को बहाल किया जाएगा। जिसके संबंध में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और महानिदेशक, जींद नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी और उचाना नगरपालिका सचिव को पत्र भेजा गया है।
Jind news : पारिवारिक हालातों के चलते चुनाव खर्च जमा करवाने में हुई थी देरी
वार्ड 21 से पार्षद सुशीला चहल ने कहा कि उस समय पारिवारिक हालात ऐसे बन गए थे, जिसके कारण वह समय पर चुनाव खर्च जमा नहीं करवा पाई। बाद में उसने चुनाव खर्च जमा करवा दिया था। राज्य चुनाव आयोग ने उनकी याचिका पर पुनर्विचार करते हुए सदस्यता को बहाल कर दिया है।


