न्यूज कुंज नेटवर्क (Haryana News Portal) : हरियाणा सरकार द्वारा दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) योजना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक दयालु योजना के तहत लाभ लेने के लिए 3 महीने तक का ही समय था लेकिन अब 6 महीने का समय किया जाएगा। सरकार नियमों में संशोधन कर दावा (क्लेम) दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है।
इस मामले में 22 जून को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। दरअसल हरियाणा में जिस परिवार में कमाने वाले सदस्य की असामयिक मृत्यु हो जाती थी या फिर दुर्घटना में शत प्रतिशत दिव्यांग हो जाता था, उसे सरकार द्वारा दयालु योजना के तहत 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता की जाती थी।
इसमें उम्र के हिसाब से अलग-अलग राशि निर्धारित की हुई है। योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति की मौत के 3 महीने के भीतर आवेदन ऑनलाइन करना होता था। 3 महीने बाद योजना का लाभ नहीं मिल पाता था।

Haryana News Portal : 3 महीने तक आवेदन नहीं कर पाते थे पात्र परिवार
अब सरकार के पास शिकायतें पहुंची कि परिवार के कमाने वाले व्यक्ति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। परिवार सदमें में होता है तो कुछ करने की सुध-बुध नहीं रहती। ऐसे में शोक की स्थिति में और बाद जरूरी दस्तावेज एकत्रित करने में समय ज्यादा लग जाता है, ऐसे में कई परिवार पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह जाते हैं। सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार किया और अब इस योजना के तहत समय सीमा 3 महीने से बढ़ाकर छह महीने करने की तैयारी की जा रही है।
यह खबर भी पढ़ें : 600 से ज्यादा तालाबों पर अवैध कब्जे, निशानदेही के आदेश, होगी कार्रवाई
Haryana News : वंचितों को भी मिल सकता है लाभ
कैबिनेट की मीटिंग में अगर दयालु योजना के तहत लाभ लेने की समयावधि 3 महीने से बढ़कर 6 महीने हो जाती है तो जो परिवार लाभ से वंचित रह गए थे, उन्हें भी दोबारा से आवेदन का मौका मिल सकता है। यदि कैबिनेट इस पर सहमति देती है, तो हजारों परिवारों को दोबारा योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है।
Haryana News : प्रस्ताव मंजूर हुआ तो फिर देरी से क्लेम का ये रहेगा प्रोसेस
- 6 से 7 महीने की देरी हुई होगी तो CEO के स्तर पर निर्णय फाइनल होगा।
- 7 से 9 महीने की देरी हुई होगी तो अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की मंजूरी आवश्यक।
- 9 से 12 महीने की देरी हुई होगी तो अंतिम फैसला वित्त मंत्री स्तर पर लिया जाएगा।
- इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को केवल तकनीकी कारणों से योजना के लाभ से वंचित होने से बचाना है।
Haryana News Portal : दयालु योजना से संबंधित शिकायतों का होगा समाधान
दयालु योजना से संबंधित शिकायतों के समाधान का भी सिस्टम बदले जाने की संभावना है। इसके तहत जिला और राज्य मुख्यालय स्तर पर अलग शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। जिले में डीसी के स्तर पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है, ताकि लाभार्थियों को समयबद्ध सुनवाई मिल सके।
दयालु योजना क्या है और कौन इसके पात्र हैं
हरियाणा सरकार द्वारा दयालु योजना के तहत परिवार में कमाने वाले व्यक्ति की असामयिक मृत्यु या फिर स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 से 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 6 से 60 साल तक का क्राइटेरिया है और 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक आय तक के परिवार ही इसमें शामिल हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली का कहना है कि सरकार का मानना है कि 3 महीने की समय-सीमा कई पात्र परिवारों के लिए व्यवहारिक रूप से कम साबित हो रही थी। यदि प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिल सकेगी जिनके दावे केवल विलंब के कारण लंबित या निरस्त हो गए थे।


